Wednesday, September 26, 2018

आपको पता है कुत्ते मुस्कुराते भी हैं

राणी शास्त्री और मानवविज्ञानी जॉन ब्रैडशॉ इंसानों और जानवरों के बीच के संपर्क और आपसी व्यवहार का अध्यायन करते हैं.
'इन डिफ़ेंस ऑफ़ डॉग्स' और 'एनिमल्स अमंग अस' किताबों के लेखक जॉन ब्रैडशॉ ने कुत्तों के अब तक के इतिहास का भी गहरा अध्ययन किया है.
उन्हीं से जानिए इंसान के पक्के और प्यारे से दोस्त से जुड़ीं 10 ऐसी बातें, जिनके बारे में शायद आपको पता न हो:
अमरीका और यूरोप में आज जो भेड़िए पाए जाते हैं, वे कुत्तों के दूर से रिश्तेदार हैं. इन भेड़ियों का डीएनए कुत्तों के डीएनए से 99 प्रतिशत मेल खाता है.
कुत्तों के कई आकार और कई सारी नस्लें हैं. इतनी नस्लें किसी भी जंगली या पातलू जानवर की नहीं हैं. इसके लिए भी इंसान ज़िम्मेदार है.
हालांकि, कुत्तों की शारीरिक विविधता की भी एक सीमा है.
सबसे छोटे आकार के चिवावा से लेकर सबसे बड़े कुत्ते ग्रेट डेन की शारीरिक संरचना उसी ढांचे पर बनी है, जैसी उनके पुरखे भेड़ियों की थी. भले ही सभी के आकार और नस्लें भिन्न हों मगर समानताएं भी काफ़ी हैं.
कुत्तों में कमाल की सूंघने की क्षमता जेकबसन या वोमेरोनेज़ल नाम के अंग के काऱण होती है जो इनके नथुनों और मुंह के ऊपरी हिस्से पर होता है.
वैज्ञानिकों को अभी तक पता नहीं चल पाया है कि इनमें यह अंग क्यों होता है. मगर बिल्लियों और अन्य जानवरों पर किए गए अध्ययन बताते हैं कि शायद यह क्षमता उनके पास इसलिए है ताकि वे अन्य कुत्तों द्वारा छोड़े गए संकतों को पहचान सकें.
कभी आपके मन में ख्याल आया है कि कुत्तों को दिखता कैसा है?
कुत्ते हरे, पीले और नीले रंग में तो हमारी तरह ही फ़र्क कर सकते हैं मगर उनकी आंखें लाल रंग को नहीं पकड़ पातीं.
कुत्तों को लाल रंग गहरा स्लेटी नज़र आता है.
कुत्ते मुस्कुराते हैं मगर उन कारणों से नहीं जिनके चलते हम इंसान मुस्कुराते हैं.
प्राणी विज्ञानी जॉन ब्रैडशॉ बताते हैं कि कुत्ता अपने मालिक से थोड़ा प्यार पाने के लिए मुस्कुराता है.
इसलिए ज़रूरी नहीं कि वे मुस्कुरा रहे हों तो हम समझें कि वे खुश हैं. ये एक संकेत हो सकता है कि वे थोड़े बेचैन हैं और आपसे थोड़ा दिलासा या हिम्मत चाहते हैं.
तो जब कभी आपको अपना डॉगी मुस्कुराता नज़र आए तो उसे दुलारना न भूलें.
कुत्तों को यह अहसास नहीं होता कि उन्होंने कुछ ग़लत कर दिया है. हालांकि हमें ऐसा लग सकता है, जब वे शर्मिंदा होने जैसा चेहरा बनाते हैं.
बहुत सारे लोग बताते हैं कि कैसे उनका कुत्ता 'गिल्टी लुक' देता है. मगर विज्ञान बताता है कि कुत्ते उस समय सामने खड़े आदमी की बॉडी लैंग्वेज के आधार पर ऐसी प्रतिक्रिया देते हैं.
अपराध बोध दरअसल एक पेचीदा भाव होता है जिसे कुत्ते नहीं समझ सकते. ऐसे में कुत्ते गिल्टी लुक देते समय दरअसल इस बात को लेकर डरे हुए होते हैं कि उन्हें सज़ा मिल सकती है. मगर उन्हें यह पता नहीं होता कि उन्होंने कुछ ग़लत किया है.
जब एक बार पिल्ले को यह पता चल जाता है कि इंसानों का स्वभाव दोस्ताना होता है, उसका स्वाभाविक ज्ञान उसे बताता है कि इस व्यक्ति के साथ रहने में ही उसके जीवित रहने की ज्यादा संभावनाए हैं.
यही कारण है कि कई कुत्ते तब परेशान हो जाते हैं जब उन्हें अकेला छोड़ दिया जाता है. वे दूर की नहीं सोच पाते और उन्हें ऐसा लग सकता है कि मालिक ने उन्हें हमेशा के लिए छोड़ दिया है. शनल जियोग्राफ़िक के अनुसार इंसानों के साथ रहने के कारण कुत्तों में विलियम्स सिंड्रोम जैसा ही एक सिंड्रोम पैदा हो जाता है.
अगर इंसानों में  और  नाम के जीन्स न हों तो उन्हें विलियम्स सिंड्रोम हो जाता है. यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें लोगों को समझने में मुश्किल आती है और उन्हें 'पूरी दुनिया को प्यार करने की आदत' पड़ जाती है.
अगर कुत्तों में देखें तो उनके  और  नाम के जीन्स अलग होते हैं. इसी कारण वे इंसानों के संपर्क में आकर ज़्यादा दोस्ताना हो जाते हैं.
बहुत सारे स्तनधारी जीव प्यार, डर, बेचैनी और खुशी जैसे बुनियादी भावों को महसूस करते हैं. मगर यह पता चला है कि कुत्ते इंसानों के लिए और भी अलग-अलग तरह की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देते हैं.
बहुत सारे लोगों को लगता है कि उनके कुत्ते उन्हें प्यार करते हैं. अब वैज्ञानिकों ने पाया है कि कुत्तों का व्यवहार इस बात पर निर्भर करता है कि वे किसी कितना प्यार करते हैं.
एमॉरी यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर ग्रेगरी बर्न्स ने कुत्तों को एमआरआई के दौरान स्थिर खड़े रहने के लिए ट्रेन किया. यह देखने के लिए कि मालिक की तस्वीरें देखने पर होने वाली खुशी पर उनका दिमाग़ किस तरह की प्रतिक्रिया देता है.
पाया गया कि कुत्ते इंसान की बॉडी लैंग्वेज को चिम्पैंज़ियों से बेहतर समझते हैं.
अगर कोई कुत्ता अपने जीवन के शुरुआती तीन महीनों में किसी इंसान के संपर्क में नहीं आता है तो वह ताउम्र जंगली रह सकता है.
इसका उदाहरण ऑस्ट्रेलियन डिंगो नाम के कुत्ते हैं जो करीब 4000 साल पहले तक पालतू हुआ करते थे. मगर इस द्वीप पर अकेले छोड़ दिए गए ये कुत्ते अब जंगली बन गए हैं.

Wednesday, September 5, 2018

执行秘书: “我们没有灵丹妙药”

伍德威尔逊中心最近举办了一次小组讨论,主题是如何加强中美两国在能源领域的合作,实现双赢的结果。会上演讲指出,中美两国在能源领域有很多共同点,例如两国对煤炭和石油的依赖程度(美国48%,中国82%),还有两国都加大能源和电力投资的意愿。
在加藤罗斯科夫国际顾问公司提交的一份报告中,美国在清洁能源投资方面掉队的原因并未详细阐明,对中国能如此高效和实际的原因也叙述甚少。报告着重强调了中美合作对推动两国清洁能源发展和绿色就业岗位的重要性,并对此提供了一些建设性的意见。
中美两国在下面四个可能的科技领域的合作将会增加就业机会。
通过整体煤气化联合循环发电系统进行碳捕获
直接就业岗位:美国:19,715个,每小时23到40美元的收入;中国:35,053个,每小时2.7到3.05美元。
总就业岗位:美国:40,950个,每小时23到40美元;中国:136,636个,每小时2.7到3.05美元。
整体煤气化联合循环发电系统将煤炭转化为合成气体,从污染物中提取出可在利用的副产品。结果二氧化硫,有害微粒,和汞的排放量很低,而且相对于传统的煤粉,它的效能更高。中美合作要求50亿的巨额投资。
正如加藤罗斯科夫国际顾问公司在报告中说的,中国将会购得重大的技术转让,而且要知道怎么用。美国也将获得不断学习进取的机会,将所学知识运用到美国市场上。
公用太阳能光伏发电
直接就业岗位:美国:9,880个,每小时15到41美元的收入;中国:4,820个,每小时1.5到3美元。
总就业岗位:美国:18,722个,每小时15到41美元;中国:18,798个,每小时1.5到3美元。
这种能源分两种:光伏和热能太阳能。
中美合作建设公用太阳能光伏发电厂,有潜力产生400兆瓦的额外能源。迈克在一篇写给对外关系委员会的文章中说道,中美在太阳能价值链的不同阶段有各自优势。中国在最后两个阶段(制作组装和模组组装)具有竞争力,这两阶段占总利润18%,美国在前两个阶段(提纯硅和制造锭和水)优势明显,占总利润82%。
清洁煤技术
直接就业岗位:美国:23,430个,每小时23到51美元的收入;中国:78,810个,每小时1.5到3.05美元。
总就业岗位:美国:44,517个,每小时23到51美元;中国:307,360个,每小时1.5到3.05美元。
在这一领域的合作将有益于美国母公司扩大出口,拉平学习曲线,降低新工厂的建设成本。中国也会得到最新的抗热材料。如《纽约时报》指出的,中国通过利用技术来降低成本,已经成为生产清洁煤能源的世界领头羊之一。中国工厂的最高效能为44%,而美国则是40%。
智能电网
直接就业岗位:美国:3,374个,每小时20到45美元的收入;中国:172个,每小时1.52到2.70美元。
总就业岗位:美国:6,410个,每小时20到45美元;中国:671个,每小时1.52到2.70美元。
若总投资达14亿美元,中美间智能电网测量仪则可达200万。美国提供技术和专家,中国将制造仪表,并能在急速发展的美国市场分一碗羹。中国国家电网透露,到2020年中国计划投入5.86亿美元建设智能电网。

Saturday, September 1, 2018

中国首次尝试汽车分享计划

所谓汽车共享就是指多人合用一辆车,他们对车辆只有使用权,没有所有权。也就是人们可以享受“有车”的便利,却不用负担成本和其它一些费用。在全球范围内不乏这样的车辆共享形式,从一定程度上减少了汽车持有量或是延缓了汽车数量的增长。
杭州曾因率先开创中国公共自行车出租体系而闻名,该体系在政府的全面推动下成型,而 “汽车分时租赁系统”是纯粹的商业项目。凭身份证及驾驶证资料,在“车纷享”网站上注册成为会员,便可持会员卡到各汽车租赁点的读卡器上刷卡取车了。


《浙江日报》的报道称:运营方对盈利前景颇有信心。推出”车纷享“计划的车厘子公司市场总监来敏俊说,没有门店,无需人员值守,租车还车服务的全过程通过网络自助完成,比起一般的租车公司,他们的运行成本要低很多。即便是构成最大成本的车辆采购资金,该公司也已经寻找到了业内合作伙伴,采用融资租赁的方式解决。
来敏俊介绍,分享计划从2011年投入服务至今,“车纷享”会员总数已突破4000人,预计今年年底能达到4万人,车辆总数也会突破400台,并再增150个服务站,实行覆盖全市主城区。

一份针对“车纷享”会员的问卷调查证实,500多名受访者中,约1/10的使用者因为有车共享而放弃了购买第二辆车,约1/3的使用者则放弃或推迟买车计划。

来敏俊透露,今年下半年,他们将尝试私家车加盟的做法,也就是由车主提供闲置车辆,公司负责日常管理。每年,车辆的所有人可以获得相应的折旧补偿、租金分成和一定量的免费用车时间。

“汽车共享”的萌芽源于瑞士,上世纪40年代,当地人组织了“自驾车合作社”,一个人用完车后,便将车钥匙交给下一个人。

汽车共享起源于上世纪40年代的瑞士,当地人发起共享活动,司机们结束旅程后把钥匙交给下一个需要用车的人。到了70年代,汽车共享在欧洲发展蓬勃。如今,荷兰首都阿姆斯特丹已拥有310处市内共享汽车停靠站。

据《中国经济周刊》报导,中国的租车业务始于1991年,但由于政策法规不完善、诚信体系不健全、企业规模较小等因素,直到2010年发展才相对成熟,汽车租赁公司达到了1万多家。

中国交通运输部于2011年出台了《关于促进汽车租赁业健康发展的通知》,针对汽车公租赁管理、服务模式等方面提出建议,并敦促各地建立完善的法律体系,促进产业的发展。

冯安琪,中外对话北京办公室实习生